
हिंदीदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
हिंदी भाषा है, बोली है, ज़बान है,
हिंदी से देश का मान-सम्मान है।
हिंदी का सांस्कृतिक और वैचारिक महत्व है,
इसमें संवेदनाएं और झलकता अपनत्व है।।
इसका प्रयोग पारंपरिक और आधुनिक है,
हिंदी सहज, सरल ,वैज्ञानिक है।
यह न किसी को अकेला छोड़ती है,
हिंदी सबको दिलों से जोड़ती है।।
हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, विरासत है,
हमें इसे सहेजना होगा।
विदेशी भाषाओं को मोह छोड़,
हिंदी को हिंदी से जोड़ना होगा।।
हिंदी सभ्यता और संस्कृति की परिभाषा है।
हिंदी कुछ खट्टी-सी, कुछ मीठी सी मेरी प्यारी भाषा है।।
- भानुप्रताप भदौरिया
No comments:
Post a Comment