हाल ही के कुछ वर्षों में हमारे देश ने खेल के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है । हमारा खेल का स्तर कुछ वर्षों में बहुत निखर कर आया है।जिसका कारण आईपीएल की तर्ज पर की जा रही अन्य खेलों की लीग भी है । क्रिकेट की स्थित देश में पहले भी ठीक थी । लेकिन हॉकी, टेनिस ,बैडमिंटन ,कबड्डी , एथलेटिक्स,फुटबॉल आदि जैसे खेलों में हाल के वर्षों में आश्चर्यजनक प्रगति देखने को मिली है । खेल में हुई प्रगति से दुनिया में हमारे देश का सिर गर्व से उठ गया है, ये देश को विश्व गुरु बनने की दिशा में एक शुभ संकेत है ,लेकिन इतनी प्रगति होने के बावजूद भी हम खेल के मामलों में दुनिया के कई मुल्को से पीछे है , हमारे देश में ओलम्पिक से 2 से 3 पदकों तक ही आ रहे है,इसका कारण खेलों के प्रति सरकारो का ढुलमुल रवैया ही रहा है।
पिछले कुछ दिनों में कई खेलों में कई सुखद परिणाम देखने को मिले हैं जैसे भारत का क्रिकेट में शीर्ष पर होना, बैडमिंटन में श्रीकांत का वर्ष में चार ओपन खिताब जीतना, भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम का जीतना , मैरीकॉम का एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करना ऐसे कई खेलों में भारत का प्रदर्शन
पिछले कुछ दिनों में कई खेलों में कई सुखद परिणाम देखने को मिले हैं जैसे भारत का क्रिकेट में शीर्ष पर होना, बैडमिंटन में श्रीकांत का वर्ष में चार ओपन खिताब जीतना, भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम का जीतना , मैरीकॉम का एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करना ऐसे कई खेलों में भारत का प्रदर्शन
सराहनीय रहा है ।
इस प्रगति को देखते हुए सरकारों को चाहिये कि खेल को बढ़ावा दे ।
खेल में अपने देश को उच्चस्तर पर ले जाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को प्रदर्शन करने के लिए बेहतर मंच की प्राप्ति हो सके, जिससे हम आगे ओलंपिक में अधिक खिलाड़ियों को भेज सकें।
इस काम में देश के मीडिया को भी सक्रिय भागीदारी दिखाने की जरूरत है ,वो अपने चैंनलों पर महान खिलाड़ियों का इंटरव्यू ले जिससे प्रेरित होकर और अधिक से अधिक नए खिलाड़ियों के अंदर खेल भावना का विकास हो सके ।
देश को विश्व गुरु बनाने में खेल के क्षेत्र में उच्च होना पड़ेगा ।
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